बाबा श्याम
॥ जय श्री श्याम ॥

राज राजेश्वरी श्याम मंदिर

॥ जय श्री श्याम ॥

राज राजेश्वरी श्याम मंदिर

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॥ दिव्य सानिध्य एवं देव दर्शन ॥

हमारे दिव्य देवी-देवता

मंदिर परिसर में प्रतिष्ठित समस्त पूज्य देवी-देवता ज्ञान, शक्ति, भक्ति, समृद्धि, सुरक्षा और प्रेम के पावन प्रतीक हैं

॥ प्रथम पूज्य एवं मुख्य आराध्य ॥

विघ्न विनाश, सृष्टि कल्याण एवं मनोकामना पूर्ति के परम दिव्य स्वरूप

ॐ
विघ्नहर्ता • प्रथम पूज्य

भगवान गणेश जी

बाधाओं को दूर करने वाले और सफलता देने वाले विघ्नहर्ता।

ॐ
कल्याणकारी • पारिवारिक सद्भाव

शिव परिवार

भगवान शिव, माँ पार्वती, श्री गणेश व कार्तिकेय; पारिवारिक सद्भाव के प्रतीक।

॥ दिव्य मातृ शक्तियाँ ॥

शक्ति, ज्ञान, समृद्धि, आरोग्य एवं सर्व मंगल की अधिष्ठात्री देवियाँ

ॐ
शक्ति एवं सुरक्षा स्वरूप

माँ दुर्गा

शक्ति, सुरक्षा और साहस का साक्षात स्वरूप।

ॐ
बुद्धि एवं विद्या दायिनी

माँ सरस्वती

बुद्धि, ज्ञान और विद्या की अधिष्ठात्री देवी।

ॐ
कृपा एवं समृद्धि प्रदायिनी

देवसर की देवी

भक्तों पर कृपा और समृद्धि का आशीर्वाद बरसाने वाली दिव्य माँ।

ॐ
आरोग्य एवं सुरक्षा स्वरूपा

गुड़गाँव माता

शीतला माता स्वरूप — सुरक्षा और आरोग्य-कल्याण की पूजनीय देवी।

॥ भक्ति, प्रेम एवं संरक्षण ॥

अनन्य निष्ठा, संकटमोचक सामर्थ्य और शाश्वत प्रेम के अलौकिक अवतार

ॐ
अनन्य भक्ति व शक्ति

भगवान हनुमान जी

अनन्य भक्ति, असीम शक्ति और अटूट विश्वास के प्रतीक।

ॐ
संकटमोचक एवं सर्व रक्षक

पंचमुखी बालाजी

संकटमोचक, भक्तों के शक्तिशाली रक्षक और संरक्षक।

ॐ
शाश्वत दिव्य प्रेम

राधा-कृष्ण

दिव्य प्रेम, आनंद और भक्ति के शाश्वत प्रतीक।

ॐ
मनमोहक बाल स्वरूप

लड्डू गोपाल जी

भगवान श्रीकृष्ण का अत्यंत मनमोहक व प्यारा बाल रूप।

॥ नित्य सेवा एवं दर्शन ॥

आरती एवं दर्शन समय

दर्शन समय (Darshan Timings)

  • सुबह के दर्शन8:00 AM – 1:00 PM
  • शाम के दर्शन5:00 PM – 9:00 PM

आरती समय (Aarti Timings)

  • मंगला आरती5:30 AM
  • श्रृंगार आरती9:00 AM
  • भोग आरती1:30 PM
  • संध्या आरती7:30 PM
  • शयन आरती10:00 PM

★ विशेष पर्व दर्शन समय (एकादशी एवं द्वादशी) ★

शुक्ल पक्ष की पावन तिथियों पर मुख्य मंदिर के कपाट भक्तों के लिए विशेष समय तक खुले रहते हैं:

विशेष महापर्व

शुक्ल पक्ष की एकादशी (ग्यारस)

मुख्य मंदिर के द्वार भक्तों के लिए विशेष दर्शन समय:

प्रातःकाल:8:00 AM – 1:00 PM
सायंकाल:5:00 PM – 12:00 AM (मध्यरात्रि)
पारण दिवस

शुक्ल पक्ष की द्वादशी (बारस)

मुख्य मंदिर के द्वार भक्तों के लिए विशेष दर्शन समय:

प्रातःकाल:8:00 AM – 1:00 PM
सायंकाल:5:00 PM – 10:00 PM

* समय ऋतु एवं विशेष पर्वों के अनुसार परिवर्तित हो सकता है।

॥ सनातन पंचांग एवं शुभ पर्व ॥

त्योहार एवं तिथि कैलेंडर

खाटू नरेश श्री श्याम बाबा के जन्मोत्सव, पावन एकादशी व्रत एवं समस्त सनातनी त्योहारों का संपूर्ण विवरण

★ वर्ष का सबसे पावन महापर्व ★कार्तिक शुक्ल एकादशी • देवउठनी ग्यारस
नवम्बर 202620शुक्रवारसंवत् 2083

श्री श्याम बाबा का जन्मदिन (निर्जला एकादशी)

कलयुग के अवतारी, शीश के दानी भगवान श्री श्याम का जन्मोत्सव महामहोत्सव। मंदिर में प्रातः मंगला से लेकर मध्यरात्रि १२ बजे तक अनवरत दिव्य दर्शन, ५६ भोग अर्पण, अखंड ज्योति, भव्य अलौकिक श्रृंगार एवं विराट संकीर्तन।

✦ रात 12 बजे तक दर्शन✦ 56 भोग अर्पण✦ अखंड संकीर्तन✦ विशेष पुष्प श्रृंगार
त्वरित माह चयन:
दिखाए जा रहे पर्व: 66
जुलाई152026
प्रमुख पर्व

नवरात्रि

माँ भगवती की पावन उपासना एवं घटस्थापना

अगस्त092026
एकादशी व्रत

कामदा एकादशी

मनोकामना सिद्धि प्रदायिनी पावन ग्यारस

अगस्त102026
द्वादशी

बारस

द्वादशी व्रत पूजन एवं ब्राह्मण भोजन

अगस्त172026
विशेष पर्व

नाग पंचमी

नाग देवता पूजन एवं दुग्ध अर्पण

अगस्त202026
अष्टमी

अष्टमी

मासिक कृष्ण अष्टमी व्रत

अगस्त232026
एकादशी व्रत

पुत्रदा एकादशी

संतान सुख एवं आरोग्य दायिनी ग्यारस

अगस्त242026
द्वादशी

बारस

पवित्रा द्वादशी व्रत पारण

अगस्त282026
प्रमुख पर्व

रक्षाबंधन

श्रावणी पूर्णिमा, भाई-बहन के अटूट स्नेह का पर्व

सितम्बर042026
प्रमुख पर्व

जन्माष्टमी, अष्टमी

भगवान श्री कृष्ण का दिव्य जन्मोत्सव

सितम्बर072026
एकादशी व्रत

जया एकादशी

सर्व पाप निवारिणी अजा/जया एकादशी

सितम्बर082026
द्वादशी

बारस

द्वादशी व्रत

सितम्बर142026
प्रमुख पर्व

गणेश चतुर्थी

विघ्नहर्ता श्री गणेश जन्मोत्सव व स्थापना

सितम्बर172026
विशेष पर्व

विश्वकर्मा पूजा

देव शिल्पी भगवान विश्वकर्मा पूजन

सितम्बर192026
अष्टमी

अष्टमी

राधाष्टमी — श्री राधारानी प्राकट्योत्सव

सितम्बर222026
एकादशी व्रत

जल झूलनी एकादशी

डोल ग्यारस — ठाकुर जी की दिव्य जल विहार यात्रा

सितम्बर232026
द्वादशी

बारस

वामन द्वादशी पारण

सितम्बर262026
विशेष पर्व

पितृ पक्ष

पितरों के प्रति श्रद्धा व तर्पण का पावन पखवाड़ा

अक्टूबर042026
अष्टमी

अष्टमी

श्राद्ध अष्टमी

अक्टूबर062026
एकादशी व्रत

इन्दिरा एकादशी

पितृ मोक्ष प्रदायिनी पावन ग्यारस

अक्टूबर072026
द्वादशी

बारस

द्वादशी पूजन

अक्टूबर112026
प्रमुख पर्व

शरद नवरात्रि

शारदीय नवरात्रि आरंभ, माँ दुर्गा की नौ दिन उपासना

अक्टूबर202026
प्रमुख पर्व

विजय दशमी

दशहरा — अधर्म पर धर्म की शाश्वत विजय

अक्टूबर222026
एकादशी व्रत

पाप-कुंशा एकादशी

पापों पर अंकुश लगाने वाली पापांकुशा एकादशी

अक्टूबर232026
द्वादशी

बारस

पद्मनाभ द्वादशी व्रत

अक्टूबर252026
प्रमुख पर्व

शरद पूर्णिमा

अमृत वर्षा पूर्णिमा, महारास उत्सव व खीर भोग

अक्टूबर292026
विशेष पर्व

करवा चौथ

अखंड सुहाग व सौभाग्य का निर्जल व्रत

नवम्बर022026
अष्टमी

अष्टमी

अहोई अष्टमी — संतान दीर्घायु व्रत

नवम्बर052026
एकादशी व्रत

रंभा एकादशी

सौभाग्य व समृद्धि दायिनी रमा एकादशी

नवम्बर052026
द्वादशी

बारस

गोवत्स द्वादशी (बछ बारस) — गोमाता व बछड़ा पूजन

नवम्बर062026
प्रमुख पर्व

धनतेरस

भगवान धन्वंतरि जयंती एवं धन-समृद्धि पूजन

नवम्बर072026
प्रमुख पर्व

रूप चौदस

नरक चतुर्दशी, छोटी दीपावली एवं यम दीपदान

नवम्बर082026
प्रमुख पर्व

दीपावली

महालक्ष्मी एवं गणेश जी का भव्य प्रकाशोत्सव

नवम्बर102026
प्रमुख पर्व

गोवर्धन पूजा

अन्नकूट महोत्सव — ५६ भोग अर्पण

नवम्बर112026
प्रमुख पर्व

भाई दूज

यम द्वितीया, भाई-बहन के स्नेह का पावन पर्व

नवम्बर172026
अष्टमी

अष्टमी

गोपाष्टमी — कामधेनु गोमाता महापूजन

नवम्बर202026
विशेष महापर्व

श्याम बाबा का जन्मदिन, निर्जला एकादशी

खाटू नरेश श्री श्याम प्रभु का पावन प्राकट्योत्सव महापर्व

नवम्बर212026
द्वादशी

बारस

तुलसी विवाह एवं देवउठनी द्वादशी महामहोत्सव

दिसम्बर012026
अष्टमी

अष्टमी

कालभैरव अष्टमी

दिसम्बर042026
एकादशी व्रत

उत्पन्ना एकादशी

एकादशी देवी का प्राकट्य दिवस

दिसम्बर052026
द्वादशी

बारस

द्वादशी पारण

दिसम्बर172026
अष्टमी

अष्टमी

मासिक कृष्ण अष्टमी

दिसम्बर202026
एकादशी व्रत

मोक्ष एकादशी

मोक्षदा एकादशी एवं श्रीमद्भगवद्गीता जयंती

दिसम्बर212026
द्वादशी

बारस

द्वादशी पूजन

दिसम्बर312026
अष्टमी

अष्टमी

मासिक अष्टमी

जनवरी032027
एकादशी व्रत

विशाखासफला एकादशी

सफला एकादशी — समस्त कार्यों में सफलता

जनवरी042027
द्वादशी

बारस

द्वादशी पारण

जनवरी142027
प्रमुख पर्व

संक्रांति

मकर संक्रांति — सूर्य उत्तरायण, तिल-गुड़ दान

जनवरी162027
अष्टमी

अष्टमी

मासिक अष्टमी

जनवरी182027
एकादशी व्रत

पुत्रदा एकादशी

पौष शुक्ल पुत्रदा एकादशी व्रत

जनवरी192027
द्वादशी

बारस

द्वादशी पूजन

जनवरी292027
अष्टमी

अष्टमी

मासिक अष्टमी

फरवरी022027
एकादशी व्रत

षटतिला एकादशी

तिल के छह प्रकार से प्रयोग व पुण्य प्रदायिनी

फरवरी032027
द्वादशी

बारस

द्वादशी पूजन

फरवरी112027
प्रमुख पर्व

बसंत पंचमी

विद्या दायिनी माँ सरस्वती महापूजन

फरवरी142027
अष्टमी

अष्टमी

भीष्माष्टमी तर्पण

फरवरी172027
एकादशी व्रत

जया एकादशी

जया एकादशी — भूत-पिशाच योनि से मुक्ति

फरवरी182027
द्वादशी

बारस

द्वादशी पारण

फरवरी282027
अष्टमी

अष्टमी

जानकी जयंती (सीताष्टमी)

मार्च042027
एकादशी व्रत

जया एकादशी

विजया एकादशी — शत्रुओं पर विजय दिलाने वाली

मार्च052027
द्वादशी

बारस

द्वादशी पूजन

मार्च062027
प्रमुख पर्व

महाशिवरात्रि

देवाधिदेव महादेव एवं माँ पार्वती का महामंगलकारी पर्व

मार्च162027
अष्टमी

अष्टमी

मासिक शुक्ल अष्टमी

मार्च182027
विशेष महापर्व

आमलकी रंगभरी

रंगभरी एकादशी — खाटू धाम का विश्वप्रसिद्ध लक्खी मेला

मार्च192027
द्वादशी

बारस

फाल्गुन द्वादशी — लक्खी मेला समापन

मार्च212027
प्रमुख पर्व

होलिका दहन

भक्त प्रह्लाद विजय, असत्य पर सत्य की ज्योति

मार्च222027
प्रमुख पर्व

होली

धुलंडी — प्रेम, उल्लास व रंगों का दिव्य उत्सव

* सभी तिथियाँ एवं पर्व पंचांग अनुसार निर्धारित हैं। मंदिर समिति द्वारा किसी भी विशेष उत्सव, जागरण या भंडारे की सूचना पूर्व में दी जाएगी।

॥ दिव्य कृपा और आध्यात्मिक सद्भाव ॥

हमारे मंदिर के बारे में

दिव्य कृपा और आध्यात्मिक सद्भाव का एक पवित्र धाम

शांति और भक्ति के माहौल में बसा हमारा मंदिर आस्था का एक केंद्र है, जो हर तरह के लोगों का स्वागत करता है। सनातन धर्म की सदियों पुरानी परंपराओं से जुड़ा यह मंदिर आध्यात्मिक विकास, आंतरिक शांति और समाज सेवा को बढ़ावा देने के लिए समर्पित है।

हमारे इस पवित्र मंदिर में भगवान गणेश जी, माँ सरस्वती, माँ दुर्गा, भगवान हनुमान जी, श्री श्याम बाबा, लड्डू गोपाल जी, राधा-कृष्ण, पंचमुखी बालाजी, देवसर की देवी, गुड़गाँव माता और पूजनीय शिव परिवार का दिव्य आशीर्वाद और उपस्थिति है। ये सभी दिव्य देवता ज्ञान, शक्ति, भक्ति, समृद्धि, सुरक्षा, प्रेम और आध्यात्मिक ज्ञान के प्रतीक हैं।

हर दिन भक्त यहाँ प्रार्थना करने, आरती में शामिल होने, भजन गाने और ईश्वरीय आशीर्वाद पाने के लिए इकट्ठा होते हैं। यह मंदिर न केवल पूजा-अर्चना की जगह है, बल्कि एक आध्यात्मिक आश्रय भी है जहाँ दिलों को सुकून, मन को स्पष्टता और आत्मा को ईश्वर से जुड़ाव का अनुभव होता है।

हमारा मानना ​​है कि आस्था लोगों को सभी सीमाओं से परे एक साथ लाती है। धार्मिक आयोजनों, त्योहारों, आध्यात्मिक सभाओं और समाज सेवा के कामों के ज़रिए, हमारा मंदिर करुणा, सद्भाव और मानवता की सेवा के मूल्यों को बढ़ावा देने की कोशिश करता है।

चाहे आप आशीर्वाद, मार्गदर्शन, आभार व्यक्त करने या बस शांति के कुछ पल बिताने के लिए आएं, हमारा मंदिर खुले दिल से और दिव्य ऊर्जा से भरे पवित्र माहौल में आपका स्वागत करता है।

॥ हमारा संकल्प ॥

हमारा मिशन (Our Mission)

एक ऐसी पवित्र जगह बनाना जहाँ भक्ति फले-फूले, परंपराएँ सुरक्षित रहें और हर भक्त ईश्वर का दिव्य आशीर्वाद महसूस करे।

“एक ऐसा मंदिर जहाँ आस्था खिलती है, भक्ति बढ़ती है और दिव्य आशीर्वाद हर जीवन को रोशन करता है।”
॥ पधारें ॥

संपर्क सूत्र एवं पावन धाम

पावन धाम पता

मंदिर का पता

Mangalam A, Ground Floor, 24 Hemanta Basu Sarani, Kolkata - 700 001

मंगलम ए, भूतल, २४ हेमंता बसु सरणी, कोलकाता - ७०० ००१

सेवादार / संपर्क

श्री लव अग्रवाल

Luv Agarwal

मंदिर सेवा एवं व्यवस्था